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भावों को लिखना


मेरा तो नित्य नियम ही था
भीगे बालों को झकटना ,
बातें करना, सजना, सवरना
और भावों को लिखना ।

मेरा सारा तुमको प्यारा लगना
उतना भी खास नही था
जितना उन गिनती की बूंदों में 
होता था तुम्हारा भीगना।

मेरा सारा तुमको प्यारा लगना
उतना भी खास नहीं था
जितना सुनते सुनते मुझको
 तुम्हारा कहीं खो जाना ।

मेरा सारा तुमको प्यारा लगना
उतना भी खास नहीं था
जितना मुझे आते देख
तुम्हारा फिसलते हुए भी हँस जाना ।

मेरा तो नित्य नियम ही था
भीगे बालों को झटकना
बातें करना, सजना, सवरना
और भावों को लिखना ।
#निर्झर

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