सुकून जो मिलता था हर बार इस बार नहीं मिला , लगा ढूँढने जब कुछ पुराना सब धु…
Nextछिपकर छाँव में शुकुन से लेटे, मुझे निहार रहे हो, तुम जानते हो ? मैं धुप हूँ, म…
Nextमैं अगर मरूँगा तो सच में आत्मा बनुँगा ? या बस खत्म, खत्म हो जाऊंगा.. ? वो चमत्क…
Nextहर एक आदमी, जितना भी कमाता, कर देता, एक राजा होता था, एक ही जेब होती थी.. ज्या…
Nextमन में मेरे हर पल कई हरकतें सी होती हैं अलग-थलग सी भावनाएं पुरा…
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अशांत जिज्ञासा , भटकते हुए थककर शांत होने लगे , मृदु वाक कौशल , होठों के सूख…
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